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बाढ़ की आफत में रेड क्रॉस अध्यक्ष कविता शर्मा बनीं ग्रामीणों का सहारा, 400 से अधिक पीड़ितों को मिला उपचार

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बलीपट्टी रानीगांव में रेड क्रॉस व IMA का चिकित्सा शिविर, संक्रमण और जहरीले जीव-जंतुओं के खतरे के बीच बांटी गईं मुफ्त दवाइयां,

लक्ष्मी शरण सिंह राठौड़

फर्रुखाबाद l बाढ़ का पानी उतरने के साथ अब प्रभावित गांवों में संक्रमण और जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा ग्रामीणों के लिए नई चुनौती बन गया है। दूषित पानी, जलभराव और गंदगी के बीच बीमारी फैलने की आशंका के साथ ही घरों और खेतों में सांप समेत जहरीले जीव-जंतुओं के निकलने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ऐसे कठिन समय में बलीपट्टी रानीगांव के बाढ़ पीड़ितों को स्वास्थ्य राहत पहुंचाने के लिए रेड क्रॉस सोसाइटी की अध्यक्ष कविता शर्मा के नेतृत्व में रेड क्रॉस एवं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के संयुक्त तत्वावधान में चिकित्सा शिविर लगाया गया। शिविर में 400 से अधिक बाढ़ पीड़ितों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक उपचार की सलाह दी गई और जरूरत के अनुसार निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं।

बाढ़ के बाद बीमारी और जहरीले जीव-जंतुओं का बढ़ा खतरा

लंबे समय तक जलभराव रहने के कारण गांव में संक्रमण का खतरा बना हुआ है। दूषित पानी के संपर्क में आने से त्वचा संबंधी संक्रमण, पेट की बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की आशंका बढ़ गई है। वहीं पानी भरे घरों, खेतों और रास्तों से सांप व अन्य जीव-जंतु सुरक्षित स्थान की तलाश में आबादी की ओर पहुंच रहे हैं। सर्पदंश की घटनाओं को देखते हुए ग्रामीणों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत बताई गई।


400 से अधिक ग्रामीणों की जांच, मुफ्त दवाओं से राहत

शिविर में बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित ग्रामीण पहुंचे। रेड क्रॉस सोसाइटी की अध्यक्ष कविता शर्मा ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जानकारी ली और चिकित्सकीय टीम के माध्यम से मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया। बीमारी के लक्षणों की जांच के बाद मरीजों को उनकी स्थिति के अनुसार उपचार संबंधी सलाह दी गई। जरूरतमंदों को आवश्यक दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं।

स्वच्छता और सुरक्षित पानी को लेकर किया जागरूक

चिकित्सा शिविर के दौरान ग्रामीणों को बाढ़ के बाद स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया गया। दूषित पानी का सेवन न करने, भोजन को ढककर रखने, घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने तथा मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई। ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि सांप या किसी जहरीले जीव के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के बजाय तत्काल चिकित्सा केंद्र पहुंचना जरूरी है।

बाढ़ के कारण आवागमन प्रभावित होने के बावजूद गांव में चिकित्सा शिविर लगाकर बड़ी संख्या में लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई गईं। रेड क्रॉस सोसाइटी की अध्यक्ष कविता शर्मा की पहल और रेड क्रॉस तथा IMA की संयुक्त चिकित्सा सहायता से बाढ़ पीड़ितों को उपचार, परामर्श और आवश्यक दवाएं उपलब्ध हुईं। बाढ़ की आफत के बीच संक्रमण और जहरीले जीव-जंतुओं के खतरे से जूझ रहे ग्रामीणों के लिए यह चिकित्सा शिविर राहत का महत्वपूर्ण माध्यम बना।

 

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